सिया रघुवर जी की आरती शुभ आरती कीजे लिरिक्स
Siya Raghuvar Jee Kee Aaratee Shubh Aaratee Keeje Liriks Lyrics
सिया रघुवर जी की आरती, शुभ आरती कीजे।।
शीश मुकुट काने कुण्डल सोहे , राम लखन सिया जानकी, शुभ आरती कीजे।।
मोर मुकुट माथे पर सोहे, राधा सहित घनश्याम की, शुभ आरती कीजे।।
अक्षत चन्दन घी की बाती, उमा सहित महादेव की, शुभ आरती कीजे।।
मम दुःख हरणी मंगल करणी, आरती लक्ष्मी गणेश की, शुभ आरती कीजे।।
अलख निरंजन असुर निकंदन, अंजनी लला हनुमान की, शुभ आरती कीजे।।
रामदेव ओरी कुलदेवा, माता पिता गुरुदेव की, शुभ आरती कीजे।।
सिया रघुवर जी की आरती, शुभ आरती कीजे।।

अर्थ (Bhavarth)
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यहाँ आप सिया रघुवर जी की आरती शुभ आरती कीजे लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस आरती को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions
Q1: 'सिया रघुवर जी की आरती' की क्या विशेषता है?
A1: इस आरती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक 'सर्व देव आरती' है। इसमें सिया-राम जी के साथ-साथ राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, लक्ष्मी-गणेश, हनुमान जी, कुलदेवता, माता-पिता और गुरुदेव—सभी का एक साथ स्मरण और वंदन किया जाता है।
Q2: यह आरती विशेष रूप से कब गाई जाती है?
A2: यह आरती घर की नित्य (दैनिक) पूजा के अंत में, रामायण पाठ के विश्राम पर, या किसी भी बड़े सत्संग के समापन पर गाई जाती है, ताकि सभी देवी-देवताओं को एक ही आरती में प्रसन्न किया जा सके।
Q3: क्या मैं 'Siya Raghuvar Ji Ki Aarti PDF' अन्य भाषाओं में डाउनलोड कर सकता हूँ?
A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इस मंगल आरती को अपनी मनपसंद भाषा में (जैसे English, गुजराती, मराठी आदि) बिलकुल मुफ्त में सेव कर सकते हैं।
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Categories: Aarti
Deity: Shri Ram
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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