Shri RamFilmi Tarz BhajanChetawani Bhajan

रख लेना लाज मेरी भरतार हँसते-हँसते (सती सुलोचना प्रसंग) लिरिक्स

Rakh Lena Laaj Meri Bhartaar Hanste Hanste (Sati Sulochana) Lyrics Lyrics

Location: फतिहा, फरह (मथुरा)

तर्ज (Tune): चलते-चलते यूँ ही कोई मिल गया था (Chalte Chalte Yun Hi Koi Mil Gaya Tha - Pakeezah)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

रख लेना लाज मेरी भरतार हँसते-हँसते (सती सुलोचना प्रसंग) लिरिक्स

RAKH LENA LAAJ MERI BHARTAAR HANSTE HANSTE SATI SULOCHANA LYRICS

रख लेना लाज मेरी, रख लेना लाज मेरी, भरतार हँसते-हँसते, भरतार हँसते-हँसते हो। आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते, भरतार हँसते-हँसते, भरतार हँसते-हँसते हो॥ श्रीराम ले रहे हैं मेरी सती परीक्षा, प्रभु की ऐसी इच्छा, सबसे यूँ कह रहे हैं करतार हँसते-हँसते। आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥ पिया अगर तुम न हँसोगे, हँस जाएगी दुनिया सारी, हो जाएगी मेरी ख्वारी। ऊपर न उठ सकेगी कोई नारी हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥ नारी के पीछे पिया, सब नाश हो रहा है, तू क्यों सो रहा है? नारी से जग रचा है, कर प्यार हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥ हँसकर के शीश भारी, दीनी है सती परीक्षा, कीनी है सती की रक्षा। लेकर के सती से अग्नि, लई वार हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥ बैरग ये कैसी माया, ये खेल है निराला, कहते हैं लच्छी लाला। गाते हैं ध्रुव कविता रसदार हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥

Downloaded from

HINDI BHAJAN

रख लेना लाज मेरी, रख लेना लाज मेरी, भरतार हँसते-हँसते, भरतार हँसते-हँसते हो। आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते, भरतार हँसते-हँसते, भरतार हँसते-हँसते हो॥

श्रीराम ले रहे हैं मेरी सती परीक्षा, प्रभु की ऐसी इच्छा, सबसे यूँ कह रहे हैं करतार हँसते-हँसते। आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥

पिया अगर तुम न हँसोगे, हँस जाएगी दुनिया सारी, हो जाएगी मेरी ख्वारी। ऊपर न उठ सकेगी कोई नारी हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥

नारी के पीछे पिया, सब नाश हो रहा है, तू क्यों सो रहा है? नारी से जग रचा है, कर प्यार हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥

हँसकर के शीश भारी, दीनी है सती परीक्षा, कीनी है सती की रक्षा। लेकर के सती से अग्नि, लई वार हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥

बैरग ये कैसी माया, ये खेल है निराला, कहते हैं लच्छी लाला। गाते हैं ध्रुव कविता रसदार हँसते-हँसते, आई हूँ करके सोलह श्रृंगार हँसते-हँसते॥

अर्थ (Bhavarth)

रामायण के अत्यंत मार्मिक 'सती सुलोचना' प्रसंग पर आधारित यह एक भावपूर्ण भजन है। लंका युद्ध में जब मेघनाद (इंद्रजीत) वीरगति को प्राप्त हो जाता है और उसका कटा हुआ शीश भगवान श्री राम के शिविर में होता है, तब उसकी पतिव्रता पत्नी सुलोचना (नाग कन्या) अपना सतीत्व सिद्ध करने और पति का शीश लेने प्रभु राम के पास आती है। वह मेघनाद के निर्जीव शीश से विनय करती है कि "हे स्वामी (भरतार)! आज भगवान राम मेरी सती परीक्षा ले रहे हैं। यदि तुम नहीं हँसे तो दुनिया मेरे सतीत्व पर प्रश्न उठाएगी और किसी नारी का सिर कभी गर्व से ऊपर नहीं उठ सकेगा।" अंततः सती के प्रभाव से मेघनाद का कटा हुआ शीश ज़ोर से हँसने लगता है और अग्नि देव स्वयं सुलोचना को अपनी शरण में ले लेते हैं।

Read the most authentic and complete Rakh Lena Laaj Meri Bhartaar Hanste Hanste (Sati Sulochana) Lyrics (रख लेना लाज मेरी भरतार हँसते-हँसते (सती सुलोचना प्रसंग) लिरिक्स) lyrics. Popularized by Dhruvendra Singh, this divine filmi tarz bhajan dedicated to Shri Ram is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप रख लेना लाज मेरी भरतार हँसते-हँसते (सती सुलोचना प्रसंग) लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस फ़िल्मी तर्ज भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'रख लेना लाज मेरी भरतार' भजन किस पौराणिक प्रसंग पर आधारित है?

A1: यह भजन रामायण के प्रसिद्ध 'सती सुलोचना प्रसंग' पर आधारित है, जब मेघनाद के वध के बाद उसकी पत्नी सुलोचना भगवान राम के शिविर में अपने पति का कटा हुआ शीश लेने आती है।

Q2: इस प्रसंग में सुलोचना किससे बातें कर रही हैं?

A2: सुलोचना सोलह शृंगार करके सती होने आई हैं और वह भगवान राम के समक्ष रखे अपने पति (मेघनाद) के कटे हुए शीश से अपना सतीत्व प्रमाणित करने के लिए हँसने की प्रार्थना कर रही हैं।

Q3: इस मार्मिक रामायण प्रसंग की तर्ज (Tune) क्या है?

A3: इस कथा भजन को 1972 की मशहूर फिल्म 'पाकीज़ा' (Pakeezah) के सुरीले गीत "चलते चलते यूं ही कोई मिल गया था" की तर्ज पर गाया जाता है।

Categories: Filmi Tarz Bhajan, Chetawani Bhajan

Deity: Shri Ram

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.