तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया (समर्पण भजन) लिरिक्स
Teri Sharan Mein Aake Main Dhanya Ho Gaya Lyrics Lyrics
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया, जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।। तुझको अपना बनाके, मैं धन्य हो गया |
कितने मिले अमीर यहाँ, कितने गरीब, कितने मिले अमीर यहाँ, कितने गरीब, पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।
करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप, करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप, चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।
दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं, दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं, एक आपका सहारा, साकार हो गया, तेरी शरण मे आ के, मैं धन्य हो गया।।
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया, जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।

अर्थ (Bhavarth)
Read the most authentic and complete Teri Sharan Mein Aake Main Dhanya Ho Gaya Lyrics (तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया (समर्पण भजन) लिरिक्स) lyrics. Popularized by Shri Indresh Upadhyay, this divine bhajan dedicated to Shri Ram is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.
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Frequently Asked Questions
Q1: 'तेरी शरण में आके मैं धन्य हो गया' भजन का मूल संदेश क्या है?
A1: इस भजन का मूल संदेश 'शरणागति' (Surrender) और संतोष है। यह बताता है कि दुनिया की धन-दौलत से सच्ची शांति नहीं मिलती; आत्मा की प्यास तभी बुझती है और इंसान तभी सच्चा 'धनवान' बनता है जब उसे ईश्वर या सच्चे गुरु की शरण मिल जाती है।
Q2: भजन में "मुद्दतों से मैं दुःख में तड़प रहा था" का क्या अर्थ है?
A2: इसका आध्यात्मिक अर्थ यह है कि मनुष्य की आत्मा कई जन्मों (मुद्दतों) से इस सांसारिक चक्र और दुखों में भटक रही थी। ईश्वर का सच्चा सहारा मिलते ही जन्म-मरण की यह तड़प और सारे कष्ट हमेशा के लिए दूर हो गए।
Q3: क्या मैं इस 'समर्पण भजन' का PDF डाउनलोड कर सकता हूँ?
A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इस शांतिदायक भजन को अपनी मनपसंद भाषा में बिलकुल मुफ्त में सेव कर सकते हैं।
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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