रंग तेरे नाम का (शिव-पार्वती होली गीत) लिरिक्स - पारुल गुप्ता
Rang Tere Naam Ka Lyrics - Parul Gupta Lyrics
॥ मुखड़ा ॥ आज हवा भी कुछ कहती है… दिल में तेरी आहट रहती है…
रंग तेरे नाम का, मुझपे चढ़ जाए, छू ले जो तू, दिल मुस्काए। सुन लो ना भगवान शिव — इतना क्यों तड़पाते हो? पास आ जाओ तो, मैं खुद में ना रह पाऊँ….
॥ अंतरा 1 ॥ कल तो ध्यान में खोए रहे, मेरी तरफ ना देखा। आज चले रंग लगाने, जैसे कुछ भी ना सीखा।
मैं भी चुप ना बैठूँगी, थोड़ा सा इतराऊँगी, पीछे से रंग लगा के, धीरे से मुस्काऊँगी।
हँस के बोले — “देवी तुम तो जान हो,” मैं बोली — “तो फिर मान लो, मैं ही तुम्हारी शान हूँ।”
॥ मुखड़ा ॥ रंग तेरे नाम का… मुझपे चढ़ जाए… डमरू की धुन पे दिल धड़के, वादियाँ गुनगुनाएँ, मेरे और तुम्हारे रंग से, सारे देव मुस्काएँ।
॥ अंतरा 2 ॥ सुन लो मेरे भोले, तुम बिन अधूरी मैं। तुम हो तो पूरी हूँ, तुमसे ही पूरी मैं।
आज होली की इस शाम में, एक वादा कर जाओ, प्रेम के इस रंग को, जनम-जनम निभाओ।
॥ ब्रिज (Bridge) ॥ रंग तेरा सांस मेरी, धड़कन में बस नाम तेरी, आज मैं तेरे रंग में रंगी, और बस तू मेरा हो गया। हम्ममम…..

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
'रंग तेरे नाम का' (शिव-पार्वती होली गीत) किसने गाया और लिखा है?
भगवान शिव और माता पार्वती के इस अत्यंत मधुर और नए होली प्रेम गीत को गायिका और लेखिका पारुल गुप्ता (Parul Gupta - @parulnaad) जी ने लिखा और गाया है।
इस होली गीत में माता पार्वती भगवान शिव से क्या मीठी शिकायत कर रही हैं?
माता पार्वती भोलेनाथ से शिकायत कर रही हैं कि कल तक तो वे अपने ध्यान (समाधि) में इतने मग्न थे कि उन्होंने देवी की तरफ देखा तक नहीं, और आज फाल्गुन में अचानक उन्हें रंग लगाने आ गए हैं।
शिव-पार्वती के इस होली भजन का मुख्य संदेश क्या है?
यह गीत महादेव और आदि शक्ति माता पार्वती के शाश्वत प्रेम (Eternal Love) को दर्शाता है। इसमें माता पार्वती शिव जी से यह वादा मांगती हैं कि उनका यह प्रेम रूपी रंग जन्म-जन्मांतर तक यूं ही बना रहे।
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Categories: Phalgun Bhajan
Deity: Shiv Ji
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मोहित तरकरMohit Tarkar
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