Shri Radha-KrishnaKrishna BhajanBraj RasHoli Rasiya

मेरी चुनर दई है बिगार श्याम तेरो कहा बिगारो है (होली रसिया) लिरिक्स

Meri Chunar Dai Hai Bigar Shyam Tero Kaha Bigaro Hai Lyrics Lyrics

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)

तर्ज (Tune): काउ दिन उठ गयो मेरो हाथ (बलम तोय ऐसो मारूंगी)

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मेरी चुनर दई है बिगार श्याम तेरो कहा बिगारो है (होली रसिया) लिरिक्स

MERI CHUNAR DAI HAI BIGAR SHYAM TERO KAHA BIGARO HAI LYRICS

मेरी चुनर दई है बिगार, श्याम तेरो कहा बिगारो है। कहा बिगारो है, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥ रस्ता रोक गली में ठाडो, मेरो सबरो काम बिगाड़ो। क्यों तुम ज्यादा बनो होशियार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥ डारे रंग मोपे सांवरिया, संग लायो बलदाऊ भैया। मनावे होली को त्यौहार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥ सब सखियन के पीछे पड़ के, काऊ से राज़ी, काऊ से लड़के। जाको हमपे न पावे पार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥ मैं हूँ यशोदा माँ को प्यारो, होली को मैंने लियो सहारो। करलऊँ तुमसे अखियाँ चार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥

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HINDI BHAJAN

मेरी चुनर दई है बिगार, श्याम तेरो कहा बिगारो है। कहा बिगारो है, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥

रस्ता रोक गली में ठाडो, मेरो सबरो काम बिगाड़ो। क्यों तुम ज्यादा बनो होशियार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥

डारे रंग मोपे सांवरिया, संग लायो बलदाऊ भैया। मनावे होली को त्यौहार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥

सब सखियन के पीछे पड़ के, काऊ से राज़ी, काऊ से लड़के। जाको हमपे न पावे पार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥

मैं हूँ यशोदा माँ को प्यारो, होली को मैंने लियो सहारो। करलऊँ तुमसे अखियाँ चार, श्याम तेरो कहा बिगारो है॥

अर्थ (Bhavarth)

यह ब्रज की होली का एक बेहद मनमोहक रसिया है जिसमें गोपी और श्री कृष्ण के बीच की मधुर नोंक-झोंक को दर्शाया गया है। गोपी कान्हा से उलाहना देती है कि उसने गली में रास्ता रोककर, रंग डालकर उसकी चुनरी खराब कर दी है और उसका सारा घर का काम बिगाड़ दिया है। कान्हा अपने बड़े भाई बलदाऊ के साथ आकर सारी सखियों को परेशान कर रहा है। इसके उत्तर में, अंतिम पद में श्री कृष्ण बड़े ही नटखट और रसिक अंदाज़ में कहते हैं कि "मैं तो यशोदा मैया का प्यारा हूँ, मैंने तो बस तुमसे प्रेम से आँखें मिलाने (अखियाँ चार करने) के लिए इस होली के त्यौहार का बहाना लिया है।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'मेरी चुनर दई है बिगार' होली रसिया में गोपी श्री कृष्ण से क्या शिकायत कर रही है?

A1: गोपी शिकायत कर रही है कि कान्हा ने गली में रास्ता रोककर (ठाडो होकर), रंग डालकर उसकी चुनरी खराब कर दी है और उसका सारा काम बिगाड़ दिया है।

Q2: कान्हा गोपी को रंग लगाने किसके साथ आए हैं?

A2: भजन के अनुसार, साँवरिया (श्री कृष्ण) होली का त्यौहार मनाने के लिए अपने बड़े भाई बलदाऊ (बलराम) जी को साथ लेकर आए हैं।

Q3: श्री कृष्ण ने गोपी को रंग लगाने का क्या मीठा कारण बताया?

A3: भजन के अंतिम पद में श्री कृष्ण कहते हैं कि "होली को मैंने लियो सहारो, करलऊँ तुमसे अखियाँ चार" अर्थात् मैंने तो सिर्फ तुमसे आँखें मिलाने और अपना प्रेम जताने के लिए इस होली का बहाना लिया है।

Categories: Krishna Bhajan, Braj Ras, Holi Rasiya

Deity: Shri Radha-Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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