श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे (इन्द्रेश उपाध्याय) गुरु महिमा भजन लिरिक्स
Shri Satguru Sharan Mein Sabhi Phal Milenge Lyrics (Indresh Upadhyay) Lyrics
तर्ज (Tune): जो प्रेम गली में आये नहीं
॥ मुखड़ा ॥ श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥
॥ अंतरा 1 ॥ सभी मुश्किलें अब तो आसान होंगी, हमारी समस्याओं के हल भी मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥
॥ अंतरा 2 ॥ मनोरथ सफल होंगे, घबरा ना ऐ दिल, ना प्रीतम मिले आज तो कल ही मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥
॥ अंतरा 3 ॥ हरि नाम में मग्न होकर तो देखो, प्रिया पिय के पद कमल भी मिलेंगे। सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥
॥ अंतरा 4 ॥ सरस चरण पंकज, भ्रमर तू जुगल है, महल मौज के अब सहल ही मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे' भजन के गायक कौन हैं?
यह अत्यंत भावपूर्ण और शांतिदायक 'गुरु महिमा' भजन परम श्रद्धेय युवा संत एवं कथावाचक श्री इन्द्रेश उपाध्याय (Indresh Upadhyay) जी द्वारा गाया गया है।
Q2: भजन में 'जुगल' (Jugal) शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
A2: ब्रज भाषा और भक्ति साहित्य में 'जुगल' या 'युगल' शब्द का अर्थ 'जोड़ा' (Couple) होता है। यहाँ 'जुगल' शब्द साक्षात श्री राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के युगल स्वरूप के लिए प्रयोग किया गया है।
Q3: इस भजन का मुख्य आध्यात्मिक संदेश क्या है?
A3: इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि बिना गुरु के ईश्वर की प्राप्ति असंभव है। जो व्यक्ति सच्चे गुरु की शरण में चला जाता है और हरि नाम में मग्न हो जाता है, उसकी सभी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं और उसे भगवान के दर्शन अवश्य होते हैं।
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Categories: Braj Ras
Deity: Shri Radha-Krishna
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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