Shri Radha-KrishnaPhalgun BhajanHoli RasiyaBraj Ras

ये रसिया द्वारे आये हैं होली के मज़ा उड़ाले (होली रसिया) लिरिक्स

Ye Rasiya Dware Aaye Hain Holi Ke Maza Udale Lyrics Lyrics

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)

तर्ज (Tune): नैना लगे मुरलिया वारे से

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ये रसिया द्वारे आये हैं होली के मज़ा उड़ाले (होली रसिया) लिरिक्स

YE RASIYA DWARE AAYE HAIN HOLI KE MAZA UDALE LYRICS

ये रसिया द्वारे आये हैं, होली के मज़ा उड़ाले, होली के मज़ा उड़ाले, नैक मेरो रंग डल वाले। घर से बाहर आजा गोरी, तो ते बंधी है प्रेम की डोरी। तेरे मन की करने आये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥ ऐसी मारे भर पिचकारी, गोरी ते करदेंगे कारी। देख सही समय पे आये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥ आज नाचले मिल रहो मौका, जीवन को है नाय भरोसा। दो गीत प्यार के गाये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥ ये रसीया तेरे रोज़ न आमें, अपने मन की तोय बतामें। ये रंग केशरिया लाये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥

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HINDI BHAJAN

ये रसिया द्वारे आये हैं, होली के मज़ा उड़ाले, होली के मज़ा उड़ाले, नैक मेरो रंग डल वाले।

घर से बाहर आजा गोरी, तो ते बंधी है प्रेम की डोरी। तेरे मन की करने आये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥

ऐसी मारे भर पिचकारी, गोरी ते करदेंगे कारी। देख सही समय पे आये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥

आज नाचले मिल रहो मौका, जीवन को है नाय भरोसा। दो गीत प्यार के गाये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥

ये रसीया तेरे रोज़ न आमें, अपने मन की तोय बतामें। ये रंग केशरिया लाये हैं, होली के मज़ा उड़ाले॥

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अर्थ (Bhavarth)

ब्रज की मस्ती भरी होली का यह एक अत्यंत उल्लासपूर्ण रसिया है। होरियारे (रसिया) गोपी के द्वार पर आकर उसे होली खेलने के लिए घर से बाहर बुला रहे हैं। वे कहते हैं कि हम तुमसे प्रेम की डोरी से बंधे हैं और केसरिया रंग लेकर तुम्हारे द्वार पर आए हैं। रसिया हँसी-ठिठोली करते हुए कहते हैं कि हम ऐसी पिचकारी मारेंगे कि तू गोरी से 'कारी' (काली) हो जाएगी। इस होली गीत के बीच में एक बहुत ही सुंदर आध्यात्मिक संदेश भी दिया गया है कि "आज मौका मिला है तो नाच लो, क्योंकि इस जीवन का कोई भरोसा नहीं है।" इसलिए जब तक जीवन है, प्रेम के गीत गाकर त्यौहार का आनंद ले लेना चाहिए।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'ये रसिया द्वारे आये हैं' होली भजन का मुख्य भाव क्या है?

A1: इस भजन में ब्रज के होरियारों (रसिया) द्वारा गोपी के घर आकर उसे प्रेम से बाहर बुलाने और केसरिया रंग के साथ फाल्गुन की होली खेलने का सुंदर और उल्लासपूर्ण आग्रह किया गया है।

Q2: रसिया गोपी से आज ही बाहर आकर नाचने और होली खेलने की ज़िद क्यों कर रहे हैं?

A2: रसिया गोपी को समझाते हैं कि "जीवन को है नाय भरोसा" (जीवन का कोई भरोसा नहीं है कि यह कब समाप्त हो जाए)। इसलिए जब तक जीवन है और मौका मिला है, तब तक प्रेम और उल्लास के साथ होली खेल लेनी चाहिए।

Q3: रसिया गोपी को रंगने के लिए अपने साथ कौन सा रंग लाए हैं?

A3: भजन के अंतिम पद के अनुसार, रसिया गोपी को रंगने के लिए अपने साथ 'केसरिया' रंग लेकर आए हैं।

Categories: Phalgun Bhajan, Holi Rasiya, Braj Ras

Deity: Shri Radha-Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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