Braj RasHoli Rasiya

भाभी सब काम करुंगो तेरो नेक रंग डरवाले मेरो लिरिक्स

Bhabhi Sab Kaam Karungo Tero Naik Rang Darwale Mero Lyrics Lyrics

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)

तर्ज (Tune): नैनन में श्याम समाए गयो (Nainan Mein Shyam Samaaye Gayo)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

भाभी सब काम करुंगो तेरो नेक रंग डरवाले मेरो लिरिक्स

BHABHI SAB KAAM KARUNGO TERO NAIK RANG DARWALE MERO LYRICS

भाभी सब काम करुंगो तेरो, नेक रंग डरवाले मेरो। मैं तेरे मन की कर दुंगो, तेरी चुनर में रंग भर दुंगो, ऐसो रंग लायो हूँ गहरो, नेक रंग डरवाले मेरो। देख ये फागुन की होरी है, भाभी तेरी मेरी जोड़ी है, तुम मोपे न आँख नटेरो, नेक रंग डरवाले मेरो। मेरो तुम ते इतनो कहना है, भाभी तेरी ये छोटी बहना है, तुम ब्याह करवा देयो मेरो, नेक रंग डरवाले मेरो। मैं रंग केसरिया लायो हूँ, भैया ते पूछ्के आयो हूँ। मैं साँची साँची कह रह्यो, नेक रंग डरवाले मेरो।

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भाभी सब काम करुंगो तेरो, नेक रंग डरवाले मेरो।

मैं तेरे मन की कर दुंगो, तेरी चुनर में रंग भर दुंगो, ऐसो रंग लायो हूँ गहरो, नेक रंग डरवाले मेरो।

देख ये फागुन की होरी है, भाभी तेरी मेरी जोड़ी है, तुम मोपे न आँख नटेरो, नेक रंग डरवाले मेरो।

मेरो तुम ते इतनो कहना है, भाभी तेरी ये छोटी बहना है, तुम ब्याह करवा देयो मेरो, नेक रंग डरवाले मेरो।

मैं रंग केसरिया लायो हूँ, भैया ते पूछ्के आयो हूँ। मैं साँची साँची कह रह्यो, नेक रंग डरवाले मेरो।

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अर्थ (Bhavarth)

शब्दार्थ) - नेक (Nek): थोड़ा सा, ज़रा सा (A little bit)। डरवाले मेरो (Darwale Mero): मेरा रंग डलवा ले (Let me apply color on you)। गहरो (Gahro): बहुत गहरा या पक्का रंग। आँख नटेरो (Aankh Natero): आँख मत दिखाओ या गुस्सा मत करो (Don't glare / Don't be angry)। ब्याह (Byaah): विवाह / शादी (Marriage)। साँची साँची (Saanchi Saanchi): सच-सच (Truthfully)। संपूर्ण भावार्थ: ब्रज की होली के इस मज़ेदार लोकगीत में एक देवर अपनी भाभी से रंग डलवाने (खेलने) की ज़िद कर रहा है। वह अपनी भाभी को लालच देते हुए कहता है, "हे भाभी! तू बस थोड़ा सा रंग डलवा ले, इसके बदले मैं घर का तेरा सारा काम कर दूंगा और जो तू कहेगी वही करूंगा।" वह कहता है कि यह फाल्गुन की होली है, मुझ पर गुस्सा मत कर (आँख मत दिखा), क्योंकि मैं बहुत गहरा पक्का रंग लाया हूँ। मज़ाक करते हुए देवर कहता है, "मेरी तुझसे एक ही गुज़ारिश है कि तू अपनी छोटी बहन (साली) से मेरी शादी करवा दे।" अंत में वह अपनी भाभी को तसल्ली देते हुए कहता है, "मैं सच कह रहा हूँ कि मैं यह केसरिया रंग अपने बड़े भैया (तुम्हारे पति) से पूछकर ही लाया हूँ, इसलिए चुपचाप रंग लगवा ले।"

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Frequently Asked Questions

Q1: 'भाभी सब काम करुंगो तेरो' कैसा गीत है?

A1: यह ब्रज भाषा का एक बहुत ही लोकप्रिय, हास्य और मस्ती से भरा 'देवर-भाभी होली रसिया' (लोकगीत) है, जिसे फाल्गुन के महीने में बहुत चाव से गाया और सुना जाता है।

Q2: इस होली गीत में देवर भाभी से क्या मनुहार कर रहा है?

A2: देवर अपनी भाभी को रंग लगाने की ज़िद कर रहा है। वह कहता है कि अगर भाभी रंग लगवा लेगी तो वह उसका सारा काम कर देगा और वह मज़ाक में अपनी भाभी की छोटी बहन (अपनी साली) से अपनी शादी करवाने की बात भी कहता है।

Q3: "भैया ते पूछ्के आयो हूँ" पंक्ति का क्या आशय है?

A3: जब भाभी देवर को रंग लगाने से मना करती है या आँख दिखाती है, तो देवर शरारत भरे अंदाज़ में कहता है कि "मैं सच कह रहा हूँ, मैं तुम्हारे पति (यानी अपने बड़े भैया) से रंग लगाने की अनुमति मांग कर (पूछकर) ही आया हूँ।"

Categories: Braj Ras, Holi Rasiya

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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