Shri Khatu Shyam JiPhalgun Bhajan

मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ (कन्हैया मित्तल) लिरिक्स

Malik Bula Rahe Hain Khatu Mein Ja Raha Hoon Lyrics Lyrics

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मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ (कन्हैया मित्तल) लिरिक्स

MALIK BULA RAHE HAIN KHATU MEIN JA RAHA HOON LYRICS

॥ मुखड़ा ॥ मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। मेरे मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। नौकर हूँ सांवरे का, सेवा निभा रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। ॥ अंतरा 1 ॥ कितना सुखी है जीवन, मैं ही तो जानता हूँ। इसकी वजह ऐ लोगों, उनको ही मानता हूँ। वो ही गवा रहे हैं, तो ही तो गा रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं मुझको, खाटू में जा रहा हूँ। किसी और की तरफ अब झांकना नहीं पड़ता, जब मालिक हो श्याम बाबा जैसा, तो झोली पसार कर माँगना नहीं पड़ता। ॥ अंतरा 2 ॥ औकात से भी बढ़कर मुझको वो दे रहे हैं, बदले में श्याम बाबा कुछ भी ना ले रहे हैं। उनके दिए हुए से उनको ही दे रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। ॥ अंतरा 3 ॥ बेरंग जिंदगी को रंगों से भर दिया बाबा, मित्तल के लिए तुमने हद पार कर दी बाबा। उनकी कलम से ही देखो, उनको ही लिख रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। ॥ समापन ॥ सेवक हूँ सांवरे का, सेवा निभा रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं... खाटू में जा रहा हूँ।

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॥ मुखड़ा ॥ मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। मेरे मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ। नौकर हूँ सांवरे का, सेवा निभा रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।

॥ अंतरा 1 ॥ कितना सुखी है जीवन, मैं ही तो जानता हूँ। इसकी वजह ऐ लोगों, उनको ही मानता हूँ। वो ही गवा रहे हैं, तो ही तो गा रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं मुझको, खाटू में जा रहा हूँ।

किसी और की तरफ अब झांकना नहीं पड़ता, जब मालिक हो श्याम बाबा जैसा, तो झोली पसार कर माँगना नहीं पड़ता।

॥ अंतरा 2 ॥ औकात से भी बढ़कर मुझको वो दे रहे हैं, बदले में श्याम बाबा कुछ भी ना ले रहे हैं। उनके दिए हुए से उनको ही दे रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।

॥ अंतरा 3 ॥ बेरंग जिंदगी को रंगों से भर दिया बाबा, मित्तल के लिए तुमने हद पार कर दी बाबा। उनकी कलम से ही देखो, उनको ही लिख रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।

॥ समापन ॥ सेवक हूँ सांवरे का, सेवा निभा रहा हूँ, मालिक बुला रहे हैं... खाटू में जा रहा हूँ।

मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ (कन्हैया मित्तल) लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

यह भजन एक भक्त और भगवान (खाटू श्याम जी) के बीच के अटूट प्रेम और 'मालिक-सेवक' के रिश्ते का बहुत ही सुंदर वर्णन है। 1. समर्पण और सेवक का भाव: भजन की शुरुआत में ही भक्त अत्यंत गर्व और खुशी के साथ कहता है कि "मेरे मालिक (श्याम बाबा) ने मुझे बुलाया है और मैं उनके दरबार खाटू धाम जा रहा हूँ।" भक्त स्वयं को भगवान का 'नौकर' या 'सेवक' मानता है और कहता है कि इस जीवन में वह केवल अपने मालिक की सेवा निभा रहा है। 2. कृतज्ञता (Gratitude) और पूर्ण संतुष्टि: भक्त दुनिया वालों को बताता है कि उसका जीवन कितना सुखी और आनंदमय है, और इस सुख का एकमात्र कारण (वजह) वह बाबा श्याम को ही मानता है। भक्त का विश्वास इतना गहरा है कि वह मानता है कि उसकी आवाज़ और उसके गीत भी उसी सांवरे की देन हैं—"वो गवा रहे हैं, तभी मैं गा पा रहा हूँ।" भक्त कहता है कि जब श्याम बाबा जैसा समर्थ मालिक हो, तो फिर किसी और के आगे हाथ फैलाने (झोली पसारने) या मांगने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। वे बिना मांगे ही भक्त की औकात (हैसियत) से कहीं बढ़कर उसे सब कुछ दे रहे हैं और बदले में कुछ नहीं मांगते। 3. ईश्वर की ही देन, ईश्वर को अर्पण: अंतिम भाग में, भजन के रचयिता/गायक (संजय मित्तल) अपने जीवन का व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि बाबा ने उनकी बेरंग (दुखों से भरी) ज़िंदगी में खुशियों के रंग भर दिए हैं और उन पर कृपा करने की सारी हदें पार कर दी हैं। भक्त बड़ी ही विनम्रता से कहता है कि "मैं जो कुछ भी गा या लिख रहा हूँ, वह मेरी अपनी कोई कला नहीं है; यह कलम भी उन्हीं की दी हुई है और उनके दिए हुए शब्दों से ही मैं उनकी महिमा लिख रहा हूँ।" (तेरा तुझको अर्पण)।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ' भजन के मूल गायक और रचयिता कौन हैं?

A1: यह अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण भजन प्रसिद्ध श्याम भजन गायक कन्हैया मित्तल जी द्वारा गाया गया है। भजन के तीसरे अंतरे में "मित्तल के लिए तुमने हद पार कर दी बाबा" पंक्ति में उनका ही संदर्भ है।

Q2: इस भजन का मूल संदेश (Core Message) क्या है?

A2: इस भजन का मूल संदेश ईश्वर के प्रति पूर्ण कृतज्ञता (Gratitude) और समर्पण है। यह सिखाता है कि हमारे जीवन में जो भी सुख, कला या समृद्धि है, वह सब भगवान की देन है; इंसान केवल एक 'निमित्त' (सेवक) है।

Q3: "उनके दिए हुए से उनको ही दे रहा हूँ" पंक्ति का क्या आध्यात्मिक अर्थ है?

A3: इसका अर्थ है 'तेरा तुझको अर्पण'। भक्त मानता है कि उसके पास अपना कुछ भी नहीं है। उसकी आवाज़, उसके शब्द और उसकी कला सब कुछ बाबा श्याम की दी हुई है, और वह उसी कला का उपयोग करके अपने भगवान की महिमा गा रहा है।

Categories: Phalgun Bhajan

Deity: Shri Khatu Shyam Ji

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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