Shri Khatu Shyam JiAarti

आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स

Aaratee Lakhadaataar Kee Khaatoo Shyaam Aaratee Liriks Lyrics

तर्ज (Tune): भोर भई दिन।

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स

AARATEE LAKHADAATAAR KEE KHAATOO SHYAAM AARATEE LIRIKS

भोर भई दिन, चढ़ गयो म्हारा बाबा, हो रही जय जयकार, मंदिर मा, आरती लखदातार की, आरती लखदातार कीं।। ज्योत जगावां थारै, भोग लगावां, रुचि रुचि करा मनुहार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।। केसरियो बागो सोहवे, छत्तर विराजे, गले में नौलख हार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।। झांझ नगाड़ा थारै, नौबत बाजै, बाज रह्या खड़ताल, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।। मोरछड़ी लहराओ, म्हारा बाबा, कष्ट हरो सरकार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।। आरती थारी बाबा, जो जन गावे, देवो थे भव से तार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।। भोर भई दिन, चढ़ गयो म्हारा बाबा, हो रही जय जयकार, मंदिर मा, आरती लखदातार की, आरती लखदातार कीं।।

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भोर भई दिन, चढ़ गयो म्हारा बाबा, हो रही जय जयकार, मंदिर मा, आरती लखदातार की, आरती लखदातार कीं।।

ज्योत जगावां थारै, भोग लगावां, रुचि रुचि करा मनुहार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।

केसरियो बागो सोहवे, छत्तर विराजे, गले में नौलख हार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।

झांझ नगाड़ा थारै, नौबत बाजै, बाज रह्या खड़ताल, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।

मोरछड़ी लहराओ, म्हारा बाबा, कष्ट हरो सरकार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।

आरती थारी बाबा, जो जन गावे, देवो थे भव से तार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।

भोर भई दिन, चढ़ गयो म्हारा बाबा, हो रही जय जयकार, मंदिर मा, आरती लखदातार की, आरती लखदातार कीं।।

आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

भावार्थ: यह श्री खाटू श्याम जी (लखदातार) की एक अत्यंत सुंदर प्रातःकालीन (सुबह की) आरती है। भक्त कह रहे हैं कि "हे बाबा! भोर (सुबह) हो गई है और दिन चढ़ गया है, आपके मंदिर में आपकी जय-जयकार हो रही है।" भक्त बाबा के सामने ज्योत जलाकर और बड़े प्रेम से (रुचि-रुचि) भोग लगाकर मनुहार कर रहे हैं। बाबा श्याम के स्वरूप का वर्णन करते हुए वे कहते हैं कि बाबा ने केसरिया रंग का बागा (वस्त्र) पहना है, सिर पर छत्र सुशोभित है और गले में नौलखा हार चमक रहा है। मंदिर में झांझ, नगाड़े और खड़ताल बज रहे हैं। अंत में भक्त विनती करते हैं कि "हे लखदातार! अपनी मोरछड़ी लहराकर हमारे सारे कष्ट हर लीजिए। जो भी जन आपकी यह आरती गाएगा, आप उसे इस भवसागर (संसार) से पार लगा देंगे।"

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यहाँ आप आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस आरती को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'भोर भई दिन चढ़ गयो म्हारा बाबा' आरती किस देवता को समर्पित है?

A1: यह प्रातःकालीन आरती कलियुग के देव, हारे के सहारे श्री खाटू श्याम जी (लखदातार) को समर्पित है, जिन्हें भगवान श्री कृष्ण का ही एक रूप माना जाता है।

Q2: भजन में 'लखदातार' और 'मोरछड़ी' का क्या महत्व है?

A2: खाटू श्याम जी को 'लखदातार' कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों को लाखों-करोड़ों की खुशियां बिना मांगे दे देते हैं। 'मोरछड़ी' बाबा श्याम का वह चमत्कारी मोरपंख का गुच्छा है, जिसे लहराने मात्र से भक्तों के सारे रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं।

Q3: क्या मैं 'Aarti Lakhdatar Ki PDF' अपनी भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?

A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन का उपयोग करके इस आरती को अपनी मनपसंद भाषा (जैसे English, गुजराती आदि) में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।

Categories: Aarti

Deity: Shri Khatu Shyam Ji

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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