आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स
Aaratee Lakhadaataar Kee Khaatoo Shyaam Aaratee Liriks Lyrics
तर्ज (Tune): भोर भई दिन।
भोर भई दिन, चढ़ गयो म्हारा बाबा, हो रही जय जयकार, मंदिर मा, आरती लखदातार की, आरती लखदातार कीं।।
ज्योत जगावां थारै, भोग लगावां, रुचि रुचि करा मनुहार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।
केसरियो बागो सोहवे, छत्तर विराजे, गले में नौलख हार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।
झांझ नगाड़ा थारै, नौबत बाजै, बाज रह्या खड़ताल, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।
मोरछड़ी लहराओ, म्हारा बाबा, कष्ट हरो सरकार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।
आरती थारी बाबा, जो जन गावे, देवो थे भव से तार, मंदिर मा, आरतीं लखदातार की, आरतीं लखदातार की।।
भोर भई दिन, चढ़ गयो म्हारा बाबा, हो रही जय जयकार, मंदिर मा, आरती लखदातार की, आरती लखदातार कीं।।

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'भोर भई दिन चढ़ गयो म्हारा बाबा' आरती किस देवता को समर्पित है?
A1: यह प्रातःकालीन आरती कलियुग के देव, हारे के सहारे श्री खाटू श्याम जी (लखदातार) को समर्पित है, जिन्हें भगवान श्री कृष्ण का ही एक रूप माना जाता है।
Q2: भजन में 'लखदातार' और 'मोरछड़ी' का क्या महत्व है?
A2: खाटू श्याम जी को 'लखदातार' कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों को लाखों-करोड़ों की खुशियां बिना मांगे दे देते हैं। 'मोरछड़ी' बाबा श्याम का वह चमत्कारी मोरपंख का गुच्छा है, जिसे लहराने मात्र से भक्तों के सारे रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं।
Q3: क्या मैं 'Aarti Lakhdatar Ki PDF' अपनी भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?
A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन का उपयोग करके इस आरती को अपनी मनपसंद भाषा (जैसे English, गुजराती आदि) में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।
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Categories: Aarti
Deity: Shri Khatu Shyam Ji
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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