मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा (कन्हैया मित्तल) खाटू श्याम भजन लिरिक्स
Morchhadi Lehrayi Re Rasiya O Sanwara Lyrics (Kanhiya Mittal) Lyrics
तर्ज (Tune): पंख होते तो उड़ आती रे (Pankh Hote To Ud Aati Re)
मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे…
मोरछड़ी का जादू निराला, इसको थामे है खाटू वाला, लीले चढ़के दौड़ा ये आए, सारे संकट पल में मिटाए, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…
श्याम बहादुर दर्शन को आए, ताले मंदिर के बंद पाए, मोरछड़ी से तालों को खोला, शीश झुका कर बाबा से बोला, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…
मोरछड़ी की महिमा है भारी, श्याम धणी को लागे ये प्यारी, हर्ष कहे रोतों को हंसाए, हाथों में जब तेरे लहराए, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'मोरछड़ी लहराई रे' भजन के गायक कौन हैं और यह किस तर्ज पर है?
A1: यह अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान श्याम भजन प्रसिद्ध गायक कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) जी द्वारा गाया गया है। इसकी धुन 1963 की फिल्म 'सेहरा' के मशहूर गीत "पंख होते तो उड़ आती रे" की तर्ज पर आधारित है।
Q2: भजन में 'श्याम बहादुर' जी का क्या प्रसंग बताया गया है?
A2: श्री श्याम बहादुर जी खाटू श्याम जी के एक बहुत ही परम भक्त थे। प्रसंग के अनुसार, जब वे एक बार दर्शन के लिए पहुंचे तो मंदिर के ताले बंद थे। उनकी सच्ची पुकार और बाबा के चमत्कार से वे ताले अपने आप खुल गए थे। भजन का दूसरा अंतरा इसी चमत्कार को दर्शाता है।
Q3: "तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे" में 'सकलाई' का क्या अर्थ है?
A3: राजस्थानी और ब्रज भाषा में 'सकलाई' का अर्थ 'चतुराई', 'सामर्थ्य' या 'कला' (Skill/Capability) होता है। भक्त कह रहा है कि बाबा, तुम्हारे काम करने का तरीका और तुम्हारी लीला बहुत ही अद्भुत और शक्तिशाली है।
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Categories: Phalgun Bhajan
Deity: Shri Khatu Shyam Ji
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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