Shri Khatu Shyam JiPhalgun Bhajan

मैं तो चला खाटू धाम, हाथों में लेके निशान चला रे (राज पारीक) फाल्गुन भजन लिरिक्स

Main To Chala Khatu Dham Lyrics – Raj Pareek (Phalgun Anthem 2026) Lyrics

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Writer:
HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

मैं तो चला खाटू धाम, हाथों में लेके निशान चला रे (राज पारीक) फाल्गुन भजन लिरिक्स

MAIN TO CHALA KHATU DHAM LYRICS RAJ PAREEK PHALGUN ANTHEM 2026

हवाओं के इशारे से पैग़ाम आ रहे हैं, दुनिया भर से लोग तमाम आ रहे हैं। खुशनसीबी हमारी कि हमें भी बुलावा आया है, लेकर के हाथों में निशान, हम भी खाटू धाम आ रहे हैं॥ जब-जब भी बुलावा आता है, मुझे खाटू वाले श्याम का, मैं रोक न पाता हूँ खुद को, ये कैसा नशा है श्याम का। मैं छोड़ दूँ सातों सुख भी, और छोड़ दूँ हर आराम, मैं तोड़ के सारे बंधन, और छोड़ के सारे काम। वो बुला रहा, कैसे रोक लूँ, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेके निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे॥ अपने मन की क्या बोलूँ, सब उसके मन की होती है। वो ही जा पाते हैं खाटू, जिन पर कृपा होती है। वो लुटा रहा, कैसे छोड़ दूँ, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेके निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे॥ श्याम निशान चढ़ाना प्यारे, बड़े भाग्य की बात है। रिंगस से खाटू तक बाबा, चलता तेरे साथ है। वो चला रहा, कैसे न चलूँ, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेके निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे॥

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HINDI BHAJAN

हवाओं के इशारे से पैग़ाम आ रहे हैं, दुनिया भर से लोग तमाम आ रहे हैं। खुशनसीबी हमारी कि हमें भी बुलावा आया है, लेकर के हाथों में निशान, हम भी खाटू धाम आ रहे हैं॥

जब-जब भी बुलावा आता है, मुझे खाटू वाले श्याम का, मैं रोक न पाता हूँ खुद को, ये कैसा नशा है श्याम का। मैं छोड़ दूँ सातों सुख भी, और छोड़ दूँ हर आराम, मैं तोड़ के सारे बंधन, और छोड़ के सारे काम। वो बुला रहा, कैसे रोक लूँ, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेके निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे॥

अपने मन की क्या बोलूँ, सब उसके मन की होती है। वो ही जा पाते हैं खाटू, जिन पर कृपा होती है। वो लुटा रहा, कैसे छोड़ दूँ, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेके निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे॥

श्याम निशान चढ़ाना प्यारे, बड़े भाग्य की बात है। रिंगस से खाटू तक बाबा, चलता तेरे साथ है। वो चला रहा, कैसे न चलूँ, मैं तो चला खाटू धाम, खाटू धाम। हाथों में लेके निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे॥

मैं तो चला खाटू धाम, हाथों में लेके निशान चला रे (राज पारीक) फाल्गुन भजन लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

यह नया 'फाल्गुन एंथम' बाबा श्याम के फाल्गुन मेले और 'श्याम निशान यात्रा' के उल्लास को शब्दों में पिरोता है। इस भजन के भावार्थ को मुख्य रूप से तीन चरणों में समझा जा सकता है: 1. श्याम नाम का नशा और बुलावा (The Intoxicating Call of Shyam): भजन की शुरुआत में ही फाल्गुन के मेले का नज़ारा है जहाँ हवाओं में भी बाबा के बुलावे का पैग़ाम (संदेश) गूंज रहा है। दुनिया भर से भक्त खाटू धाम खिंचे चले आ रहे हैं। भक्त खुद को खुशनसीब मानता है कि बाबा ने उसे भी याद किया है। वह कहता है कि "श्याम के नाम का नशा ही कुछ ऐसा है कि जब भी उनका बुलावा आता है, मैं खुद को रोक नहीं पाता। बाबा के लिए मैं दुनिया के सातों सुख, सारे आराम और सारे सांसारिक बंधन छोड़कर दौड़ पड़ता हूँ।" 2. ईश्वरीय इच्छा और कृपा (Divine Will): भक्त बड़े ही सुंदर शब्दों में अपनी लाचारी और भगवान की मर्जी का वर्णन करते हुए कहता है कि "इसमें मेरे मन की कुछ नहीं चलती, जो भी होता है वह बाबा श्याम के मन का ही होता है।" खाटू धाम जाने का सौभाग्य केवल उन्हीं लोगों को मिलता है जिन पर बाबा की विशेष कृपा होती है। जब वह दयालु सांवरा अपना प्यार और आशीर्वाद लुटा रहा है, तो कोई भक्त उसे छोड़ कर कैसे रह सकता है? 3. रिंगस से खाटू की पावन पदयात्रा (The Sacred Journey from Ringas): अंतिम भाग में 'श्याम निशान' (बाबा का पवित्र ध्वज) चढ़ाने के महत्व को बताया गया है। फाल्गुन मेले में जो भी भक्त रिंगस से खाटू धाम तक पैदल निशान लेकर चलता है, बाबा श्याम स्वयं उस पूरे रास्ते में अपने भक्त के साथ-साथ चलते हैं। भक्त पूरी श्रद्धा से कहता है कि "जब मेरा बाबा खुद मुझे अपने साथ चला रहा है, तो मैं कदम कैसे रोक सकता हूँ? मैं तो बस हाथों में निशान लेकर अपने बाबा के धाम चल पड़ा हूँ।"

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Frequently Asked Questions

Q1: राज पारीक जी का 'Fagun Anthem 2026' कौन सा भजन है?

A1: राज पारीक जी द्वारा फाल्गुन मेले 2026 के लिए रिलीज़ किया गया लेटेस्ट और ऊर्जावान 'Fagun Anthem' "मैं तो चला खाटू धाम (हाथों में लेके निशान चला रे)" है। यह निशान यात्रा का एक अत्यंत लोकप्रिय गीत बन गया है।

Q2: 'निशान यात्रा' क्या होती है और भजन में "रिंगस से खाटू" का क्या महत्व है?

A2: 'निशान' बाबा श्याम का पवित्र ध्वज होता है। फाल्गुन के मेले में लाखों भक्त राजस्थान के रिंगस (Ringas) शहर से बाबा का निशान हाथों में लेकर खाटू धाम तक लगभग 17-18 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। भजन के अनुसार, इस पवित्र पदयात्रा में बाबा श्याम स्वयं भक्त के साथ चलते हैं।

Q3: "मैं छोड़ दूँ सातों सुख भी" पंक्ति क्या दर्शाती है?

A3: यह पंक्ति भक्त के पूर्ण समर्पण और वैराग्य को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि बाबा श्याम के दर्शन और उनके धाम की मिट्टी का सुख दुनिया के सभी भौतिक सुखों (सातों सुख) और ऐशो-आराम से कहीं बढ़कर है।

Categories: Phalgun Bhajan

Deity: Shri Khatu Shyam Ji

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

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