Mata RaniMata Ke BhajanNavratri Special

नैन तेरे माँ नैना देवी (हंसराज रघुवंशी) देवी माँ के भजन लिरिक्स

Nain Tere Maa Naina Devi Lyrics (Hansraj Raghuwanshi) Lyrics

Location: बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

नैन तेरे माँ नैना देवी (हंसराज रघुवंशी) देवी माँ के भजन लिरिक्स

NAIN TERE MAA NAINA DEVI LYRICS HANSRAJ RAGHUWANSHI

नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ ॥ अंतरा 1 ॥ किणी-किणी मैया तेरा भवन बनाया, किणे चौर झुलाया माँ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ पंज-पंज पांडवां ने भवन बनाया, अर्जुन चौर झुलाया माँ॥ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , ॥ अंतरा 2 ॥ चुन-चुन कलियों से हार बनाया, हार चढ़ाना मेरी माई नु चल मैया दे दुआरे चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , हाथ मे गढ़वी गंगाजल पाणी, चरण धुलाणे आये माँ ॥ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ ॥ अंतरा 3 ॥ ध्याणु भगत माँ तेरा पुजारी, कट के शीश चढ़ाया माँ। हंसराज रघुवंशी मैया, तेरे द्वारे आया माँ॥ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥

Downloaded from

HINDI BHAJAN

नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥

॥ अंतरा 1 ॥ किणी-किणी मैया तेरा भवन बनाया, किणे चौर झुलाया माँ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ पंज-पंज पांडवां ने भवन बनाया, अर्जुन चौर झुलाया माँ॥ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे ,

॥ अंतरा 2 ॥ चुन-चुन कलियों से हार बनाया, हार चढ़ाना मेरी माई नु चल मैया दे दुआरे चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , चल भक्ता चल चलिए ऐ चल मैया दे दुआरे , हाथ मे गढ़वी गंगाजल पाणी, चरण धुलाणे आये माँ ॥ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥ नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥

॥ अंतरा 3 ॥ ध्याणु भगत माँ तेरा पुजारी, कट के शीश चढ़ाया माँ। हंसराज रघुवंशी मैया, तेरे द्वारे आया माँ॥ धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥

नैन तेरे माँ नैना देवी, चरण तेरे माँ चिन्तापूर्णी। धड़ तेरा माँ ज़िला कांगडे, जोतां जगदीयां ज्वाला मुखी॥

नैन तेरे माँ नैना देवी (हंसराज रघुवंशी) देवी माँ के भजन लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

(विस्तृत भावार्थ): यह गीत देवभूमि हिमाचल प्रदेश में स्थित माता सती के प्रमुख 'शक्तिपीठों' की एक दिव्य यात्रा है। इसमें लोककथाओं और असीम भक्ति का बहुत ही सुंदर मिश्रण है: 1. शक्तिपीठों का भौगोलिक और आध्यात्मिक वर्णन: भजन की मुख्य पंक्तियों में माता सती के अंगों के गिरने वाले स्थानों (शक्तिपीठों) का वर्णन है। भक्त कहता है कि "हे माता! तुम्हारे 'नैन' (आँखें) जहाँ गिरे, वह नैना देवी कहलाया; जहाँ 'चरण' गिरे, वह चिन्तापूर्णी कहलाया। तुम्हारा 'धड़' (वक्षस्थल) हिमाचल के कांगड़ा ज़िले (माता बज्रेश्वरी/कांगड़ा देवी) में स्थित है और जहाँ तुम्हारी साक्षात ज्योति प्रज्वलित हुई, वह ज्वाला मुखी है।" 2. पांडवों द्वारा भवन निर्माण और दर्शन की प्यास: भजन में एक लोक मान्यता का ज़िक्र करते हुए पूछा जाता है कि माता का यह पवित्र भवन किसने बनाया और किसने माता पर 'चौर' (चंवर) झुलाया? इसका उत्तर देते हुए गायक कहते हैं कि वनवास के दौरान स्वयं पाँचों पांडवों ने माता का यह भवन बनाया था और वीर अर्जुन ने माता पर चंवर झुलाया था। भक्त एक-दूसरे से कहते हैं कि "चलो भक्तों! माता के द्वारे (दरबार) चलते हैं।" 3. ध्यानू भगत का समर्पण और हंसराज की हाज़िरी: भक्त माता के दरबार में कलियों से बना सुंदर हार और 'गढ़वी' (कलश) में गंगाजल लेकर उनके चरण धोने आए हैं। अंत में माता ज्वाला मुखी के सबसे परम भक्त 'ध्यानू भगत' का ज़िक्र किया गया है, जिन्होंने माता के चरणों में अपना शीश काटकर चढ़ा दिया था। उसी परंपरा को निभाते हुए आज गायक 'हंसराज रघुवंशी' भी माता के दरबार में हाज़िरी लगाने आए हैं।

Read the most authentic and complete Nain Tere Maa Naina Devi Lyrics (Hansraj Raghuwanshi) (नैन तेरे माँ नैना देवी (हंसराज रघुवंशी) देवी माँ के भजन लिरिक्स) lyrics. Popularized by Hansraj Raghuwanshi, this divine mata ke bhajan dedicated to Mata Rani is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप नैन तेरे माँ नैना देवी (हंसराज रघुवंशी) देवी माँ के भजन लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस माता के भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'नैन तेरे माँ नैना देवी' भजन में किन शक्तिपीठों का वर्णन है?

A1: इस अत्यंत लोकप्रिय 'bhajan devi maa ke' में देवभूमि हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख शक्तिपीठों का वर्णन है: माता नैना देवी (बिलासपुर), माता चिन्तापूर्णी (ऊना), माता बज्रेश्वरी (कांगड़ा देवी), और माता ज्वाला मुखी।

Q2: भजन के अनुसार माता का भवन किसने बनाया था?

A2: लोक मान्यताओं और इस भजन के अनुसार, अज्ञातवास/वनवास के दौरान माता का यह पवित्र भवन पाँचों पांडवों ने बनाया था और वीर अर्जुन ने माता पर चंवर (चौर) झुलाया था।

Q3: "ध्याणु भगत माँ तेरा पुजारी" में ध्यानू भगत कौन थे?

A3: ध्यानू भगत माता ज्वाला मुखी के परम भक्त थे। मुग़ल सम्राट अकबर के काल में, जब अकबर ने माता की ज्योति बुझाने की कोशिश की थी, तब ध्यानू भगत ने माता की शक्ति और अपनी भक्ति सिद्ध करने के लिए अपना शीश काटकर माता को अर्पित कर दिया था। माता ने उन्हें पुनः जीवित कर दिया था।

Categories: Mata Ke Bhajan, Navratri Special

Deity: Mata Rani

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.