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मैया तेरे लाला ने मेरो गात बिगारो है (होली रसिया) लिरिक्स

Maiya Tere Lala Ne Mero Gaat Bigaro Hai Lyrics Lyrics

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)

तर्ज (Tune): बाबुल का यह घर बहना

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मैया तेरे लाला ने मेरो गात बिगारो है (होली रसिया) लिरिक्स

MAIYA TERE LALA NE MERO GAAT BIGARO HAI LYRICS

मैया तेरे लाला ने, मेरो गात बिगारो है, मेरे पीछे ऐसे पडगो, मैंने कहा बिगारो है | सुबह की बात मैया, संग लायो बलदाऊ भैया, मैं पकडू तेरे पैयाँ, बस तू ही मेरी सुन बैया | खेंच के चुनर मेरी, करो गलत इशारो है | महीना होली को, मैं रंग तोपे डारुंगो , गुलाल लगाऊं फिर पिचकारी मारुंगो | ऐसी कर दऊँ तोये, जैसे बिशियर कारो है | मैया ऐसी बोली, काँ है लाला तेरी टोली, जी प्रेम प्यार की है, लाला ब्रज की होली | मेरो गोपाला सब जग को उजारो है |

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HINDI BHAJAN

मैया तेरे लाला ने, मेरो गात बिगारो है, मेरे पीछे ऐसे पडगो, मैंने कहा बिगारो है |

सुबह की बात मैया, संग लायो बलदाऊ भैया, मैं पकडू तेरे पैयाँ, बस तू ही मेरी सुन बैया | खेंच के चुनर मेरी, करो गलत इशारो है |

महीना होली को, मैं रंग तोपे डारुंगो , गुलाल लगाऊं फिर पिचकारी मारुंगो | ऐसी कर दऊँ तोये, जैसे बिशियर कारो है |

मैया ऐसी बोली, काँ है लाला तेरी टोली, जी प्रेम प्यार की है, लाला ब्रज की होली | मेरो गोपाला सब जग को उजारो है |

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अर्थ (Bhavarth)

यह ब्रज का एक बेहद नटखट और प्यारा होली रसिया है, जिसमें एक गोपी मैया यशोदा के पास कन्हैया की शिकायत लेकर आती है। गोपी कहती है कि "हे मैया! तेरे लाला ने मुझे बहुत परेशान किया है। सुबह-सुबह वह दाऊ भैया (बलराम) के साथ आया, मेरी चुनरी खींची और मुझे रंग से भिगो दिया।" कान्हा गोपी को चिढ़ाते हुए कहता है कि होली का महीना है, मैं तुझे ऐसा रंग लगाऊंगा कि तू काले नाग (बिशियर) जैसी काली हो जाएगी। गोपी की ये सब शिकायतें सुनकर मैया यशोदा मुस्कुरा कर जवाब देती हैं कि "अरी गोपी! ब्रज की यह होली तो प्रेम का प्रतीक है, और मेरा गोपाला तो सारे जग में उजाला करने वाला है।"

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Frequently Asked Questions

Q1: 'मैया तेरे लाला ने मेरो गात बिगारो है' भजन का प्रसंग क्या है?

A1: यह भजन ब्रज की होली की ठिठोली पर आधारित है। इसमें एक गोपी मैया यशोदा के पास जाकर बाल कृष्ण द्वारा होली में रंग डालने और चुनरी खींचने की मीठी शिकायत (उलाहना) कर रही है।

Q2: इस होली रसिया में 'बिशियर कारो' (Bishiyar Kaaro) का क्या अर्थ है?

A2: ब्रज भाषा में 'बिशियर' का अर्थ होता है विषधर (ज़हरीला साँप) और 'कारो' का अर्थ है काला। भजन में कन्हैया मज़ाक में गोपी से कहता है कि वह उसे पक्के रंग से ऐसा रंग देगा कि वह काले नाग जैसी दिखने लगेगी।

Q3: गोपी की शिकायत सुनकर मैया यशोदा क्या उत्तर देती हैं?

A3: मैया यशोदा मुस्कुराते हुए गोपी को समझाती हैं कि ब्रज की होली प्रेम और आनंद का त्यौहार है। वह अपने लाडले का बचाव करते हुए कहती हैं कि मेरा गोपाला तो पूरे संसार को रोशन करने वाला (जग को उजारो) है।

Categories: Krishna Bhajan, Filmi Tarz Bhajan, Braj Ras

Deity: Shri Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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