ओ पकड़ो पकड़ो रे सांवरिया मेरो हाथ (तेजवीर सिंह) ब्रज भजन लिरिक्स
O Pakdo Pakdo Re Sanwariya Mero Hath Lyrics (Tejveer Singh) Lyrics
तर्ज (Tune): तेने अब तक न चुकायो बेइमान किरायो काया कुटिया को
ओ पकड़ो पकड़ो रे सांवरिया मेरो हाथ, भँवर में नैया डोल रही, हे जी पकड़ो पकड़ो रे, हाँ जी पकड़ो पकड़ो रे, ओहो पकड़ो पकड़ो रे कन्हैया मेरो हाथ, भँवर में नैया डोल रही |
बड़े भाग्य जब होय हमारे, दर्शन देवें आप, सेवा तेरी ऐसी करूँगो, मिट जाएँ सारे पाप, ओ सीधी-सीधी सी कह दऊँ मैं तुमसे बात, भँवर में नैया डोल रही |
न तुम देखो ऊँच-नीच कूँ, ना तुम देखो जात, भरी सभा में द्रौपदी टेरी, रख लयी बाकी बात | ओ देदो-देदो रे सुदामा सी सौगात, भँवर में नैया डोल रही |
अपने बारे में मैं बताऊँ, तेजवीर मेरो नाम, ढोलक पर जो संगति दे रहे, पुष्पेन्द्र है नाम | दिगम्बर भैया को हमें तो चहिए साथ, भँवर में नैया डोल रही |
Loading Instagram Post...
अर्थ (Bhavarth)
Read the most authentic and complete O Pakdo Pakdo Re Sanwariya Mero Hath Lyrics (Tejveer Singh) (ओ पकड़ो पकड़ो रे सांवरिया मेरो हाथ (तेजवीर सिंह) ब्रज भजन लिरिक्स) lyrics. Popularized by Tejveer Singh, Digambar Singh, this divine krishna bhajan dedicated to Shri Krishna is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.
यहाँ आप ओ पकड़ो पकड़ो रे सांवरिया मेरो हाथ (तेजवीर सिंह) ब्रज भजन लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस कृष्ण भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions
Q1: 'ओ पकड़ो पकड़ो रे सांवरिया' भजन किस शैली का गीत है?
A1: यह भजन 'ब्रज लोकगीत' (Braj Folk) और देहाती कीर्तन शैली का गीत है। इसमें शास्त्रीय नियमों से ज़्यादा एक भक्त के हृदय का भोलापन और भगवान के प्रति सखा-भाव (मित्रता) झलकता है।
Q2: इस भजन के गायक और उनकी मंडली के सदस्यों के नाम क्या हैं?
A2: भजन के अंतिम अंतरे के अनुसार, इस भजन के मुख्य गायक तेजवीर (Tejveer Singh) हैं। ढोलक पर संगत (साथ) देने वाले कलाकार का नाम पुष्पेन्द्र है, और मंडली के एक अन्य प्रमुख सदस्य दिगम्बर भैया हैं।
Q3: "भँवर में नैया डोल रही" का क्या अर्थ है?
A3: 'भँवर' पानी के उस चक्रवात को कहते हैं जिसमें नाव फंसकर डूब जाती है। यहाँ 'भँवर' का अर्थ जीवन की मुसीबतें, संकट और मोह-माया है, जिसमें फंसी अपनी जीवन रूपी नाव को बचाने के लिए भक्त श्री कृष्ण को पुकार रहा है।
Related Tags
Categories: Krishna Bhajan, Braj Ras
Deity: Shri Krishna
Community Comments (0)
Be the first to share your devotion here.

मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।
Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.