Mata RaniNavratri Special

मैया खोल भवन के द्वार हम आये तुम्हें मनाने (माता भजन) लिरिक्स

Maiya Khol Bhawan Ke Dwar Lyrics - Surbhi Chaturvedi Lyrics

Location: जयपुर, राजस्थान

तर्ज (Tune): इस भजन की तर्ज लिरिक्स के नीचे विडियो से ले सकते हैं |

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

मैया खोल भवन के द्वार हम आये तुम्हें मनाने (माता भजन) लिरिक्स

MAIYA KHOL BHAWAN KE DWAR MATA BHAJAN LYRICS

मैया खोल भवन के द्वार, हम आये तुम्हें मनाने | हम आये तुम्हें मनाने, हम आये तुम्हें रिझाने | मैया खोल भवन के द्वार, हम आये तुम्हें मनाने | तेरे द्वार पे आये जोगी, कुछ निर्धन और कुछ रोगी, करदो सबका बेडा पार, हम आये तुम्हें मनाने | माँ दृष्टि दया की करदे, सिर हाथ दया का धर दे, तेरे भरे हुए भण्डार, हम आये तुम्हें मनाने | तेरी महिमा देव बखानी, तू जगदम्बे कल्याणी, तेरे चरणों में संसार, हम आये तुम्हें मनाने | तेरे भगत वंदना गावें, सब देव पुष्प बरसावें, किशन तेरे चरणों का सेवाकार, हम आये तुम्हें मनाने |

Downloaded from

HINDI BHAJAN

मैया खोल भवन के द्वार, हम आये तुम्हें मनाने | हम आये तुम्हें मनाने, हम आये तुम्हें रिझाने | मैया खोल भवन के द्वार, हम आये तुम्हें मनाने |

तेरे द्वार पे आये जोगी, कुछ निर्धन और कुछ रोगी, करदो सबका बेडा पार, हम आये तुम्हें मनाने |

माँ दृष्टि दया की करदे, सिर हाथ दया का धर दे, तेरे भरे हुए भण्डार, हम आये तुम्हें मनाने |

तेरी महिमा देव बखानी, तू जगदम्बे कल्याणी, तेरे चरणों में संसार, हम आये तुम्हें मनाने |

तेरे भगत वंदना गावें, सब देव पुष्प बरसावें, किशन तेरे चरणों का सेवाकार, हम आये तुम्हें मनाने |

मैया खोल भवन के द्वार हम आये तुम्हें मनाने (माता भजन) लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

यह एक अत्यंत भावपूर्ण 'माता की भेंट' (भजन) है, जिसमें भक्त माता रानी से अपने भवन (मंदिर) के द्वार खोलने की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि वे उनके दर्शन कर सकें। भक्त कहते हैं कि हम आपको मनाने और रिझाने आए हैं। आपके दरबार में सन्यासी (जोगी), गरीब (निर्धन) और बीमार (रोगी) सभी लोग अपनी झोली लेकर आए हैं, हे माँ, आप सबका बेड़ा पार कर दो। जगदम्बे माँ की महिमा का गुणगान तो देवता भी करते हैं। गीत के रचयिता 'किशन' स्वयं को माता के चरणों का एक तुच्छ सेवक (सेवाकार) बताते हुए माँ से दया दृष्टि की याचना करते हैं।

Read the most authentic and complete Maiya Khol Bhawan Ke Dwar Lyrics - Surbhi Chaturvedi (मैया खोल भवन के द्वार हम आये तुम्हें मनाने (माता भजन) लिरिक्स) lyrics. Popularized by Surbhi Chaturvedi, this divine navratri special dedicated to Mata Rani is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप मैया खोल भवन के द्वार हम आये तुम्हें मनाने (माता भजन) लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस नवरात्रि स्पेशल को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'मैया खोल भवन के द्वार' भजन की गायिका कौन हैं?

A1: माता रानी के इस अत्यंत सुरीले और भावपूर्ण भजन को प्रसिद्ध गायिका सुरभि चतुर्वेदी (Surbhi Chaturvedi) जी ने अपनी मधुर आवाज़ में गाया है।

Q2: इस देवी गीत में भक्त माता से क्या प्रार्थना कर रहे हैं?

A2: भक्त माता रानी से प्रार्थना कर रहे हैं कि वे अपने भवन (दरबार) के द्वार खोलें। उनके दरबार में गरीब, रोगी और जोगी सभी आए हैं, माँ उन सभी पर अपने दया की दृष्टि डालें और उनके कष्ट दूर करें।

Q3: 'मैया खोल भवन के द्वार' भजन के रचयिता कौन हैं?

A3: भजन की अंतिम पंक्तियों ("किशन तेरे चरणों का सेवाकार...") के अनुसार, इस सुंदर भेंट की रचना माता के परम भक्त 'किशन' जी द्वारा की गई है।

Categories: Navratri Special

Deity: Mata Rani

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.