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मैया ऐ बताउंगी ये लाला माखन चोर (कृष्ण भजन) लिरिक्स

Maiya Ae Bataungi Ye Lala Makhan Chor Lyrics Lyrics

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)

तर्ज (Tune): वृंदावन जाऊंगी सखी (Vrindavan Jaaungi Sakhi)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

मैया ऐ बताउंगी ये लाला माखन चोर (कृष्ण भजन) लिरिक्स

MAIYA AE BATAUNGI YE LALA MAKHAN CHOR LYRICS

मैया ऐ बताउंगी, जाय मैया ऐ बताउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी। ले ग्वालन को टोल ई मैया, रातन में आवे, ऐसे अचक खोले खिड़की, कोई न जग जावे। जाके पकड़ के दोनो हाथ, में गुलचा चार लगाउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी॥ क्यों तू दोष लगावे गोपी, लाला बारो है, मेरे कारे कनुआ ने तेरो, कहा बिगारो है। माखन मिश्री की कमी नहीं, पूरो पहुँचाउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी॥ माखन मिश्री की बात नहीं, मन में हर्षाई है, तेरे लाला के दर्शन हम, करने आई हैं। नाय कोई लगामें दोष, जाते मैं हंस बतलाउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी॥

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HINDI BHAJAN

मैया ऐ बताउंगी, जाय मैया ऐ बताउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी।

ले ग्वालन को टोल ई मैया, रातन में आवे, ऐसे अचक खोले खिड़की, कोई न जग जावे। जाके पकड़ के दोनो हाथ, में गुलचा चार लगाउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी॥

क्यों तू दोष लगावे गोपी, लाला बारो है, मेरे कारे कनुआ ने तेरो, कहा बिगारो है। माखन मिश्री की कमी नहीं, पूरो पहुँचाउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी॥

माखन मिश्री की बात नहीं, मन में हर्षाई है, तेरे लाला के दर्शन हम, करने आई हैं। नाय कोई लगामें दोष, जाते मैं हंस बतलाउंगी, ये लाला माखन चोर, जाय मैया ऐ बताउंगी॥

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अर्थ (Bhavarth)

इस सुंदर ब्रज भजन में बाल कृष्ण की 'माखन चोरी' लीला का बड़ा ही मनमोहक वर्णन है। एक गोपी कन्हैया की शिकायत लेकर यशोदा मैया के पास आती है कि तुम्हारा लाला रात में ग्वालों की टोली लेकर आता है और चुपके से माखन चुराता है। यशोदा मैया अपने लाड़ले का बचाव करते हुए कहती हैं कि "मेरा लाल तो अभी बहुत छोटा है, तू व्यर्थ ही उस पर दोष लगा रही है; अगर तुझे माखन-मिश्री चाहिए तो मैं तेरे घर भिजवा दूंगी।" अंत में गोपी अपने हृदय की सच्ची बात बताती है कि उसे माखन-मिश्री नहीं चाहिए, वह तो उलाहना देने के बहाने केवल प्यारे कन्हैया के दिव्य दर्शन करने आई थी।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'मैया ऐ बताउंगी ये लाला माखन चोर' भजन में गोपी यशोदा मैया से क्या शिकायत करती है?

A1: गोपी शिकायत का बहाना करती है कि कन्हैया रात में ग्वालों की टोली लेकर आता है, चुपके से खिड़की खोलता है और माखन चुराता है। वह मज़ाक में कन्हैया को 'गुलचा' (हल्का सा थप्पड़) मारने की बात भी कहती है।

Q2: गोपी के उलाहने पर यशोदा मैया क्या जवाब देती हैं?

A2: मैया अपने लला का बचाव करते हुए कहती हैं कि मेरा कान्हा तो अभी बहुत छोटा (बारो) है। अगर तुम्हें माखन-मिश्री चाहिए, तो मैं तुम्हारे घर भिजवा दूंगी, पर मेरे लाल पर चोरी का दोष मत लगाओ।

Q3: गोपी के यशोदा मैया के पास आने का असली कारण क्या था?

A3: भजन के अंतिम पद में गोपी स्वीकार करती है कि उसे माखन की कोई परवाह नहीं है, वह तो बस माखन चोरी का उलाहना देने के बहाने श्री कृष्ण के मनमोहक दर्शन करने आई थी।

Categories: Krishna Bhajan, Braj Ras

Deity: Shri Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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