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जय आद्या शक्ति आरती लिरिक्स

Jay Aadya Shakti Aaratee Liriks Lyrics

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जय आद्या शक्ति आरती लिरिक्स

JAY AADYA SHAKTI AARATEE LIRIKS 6309

जय आद्या शक्ति, माँ जय आद्या शक्ति, अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां, पडवे पंडित माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। द्वितीय बेउ स्वरूप, शिवशक्ति जाणुं, माँ शिवशक्ति जाणुं, ब्रह्मा गणपती गावे, हर गावे हर माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। तृतीया त्रण सरूप, त्रिभुवनमां बेठा, माँ त्रिभुवनमां बेठा, त्रया थकी तरवेणी, तमे तरवेणी माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। चौथे चतुरा महालक्ष्मी, माँ सचराचरव्याप्या, माँ सचराचरव्याप्या, चार भुजा चौ दिशा, प्रगट्या दक्षिणमां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। पंचमी पंच ऋषी, पंचमी गुण पदमां, माँ पंचमी गुण पदमां, पंच सहस्त्र त्यां सोहिये, पंचे तत्वो मां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। षष्ठी तुं नारायणी, महिसासुर मारयो, माँ महिसासुर मारयो, नर नारी ने रुपे, व्याप्या सर्वेमां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। सप्तमी सप्त पाताल, संध्या सावित्री, माँ संध्या सावित्री, गौ गंगा गायत्री, गौरी गीता माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। अष्टमी अष्ट भुजा, आई आनंदा, माँ आई आनंदा, सुनीवर मुनीवर जन्म्या, देव दैत्यो माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। नवमी नवगुण नाग, सेवे नवदुर्गा, माँ सेवे नवदुर्गा, नवरात्रीना पूजन, शिवरात्रीना पूजन, कीधा हर ब्रह्मा, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। दसमे दस अवतार, जय विजयादशमी, माँ जय विजयादशमी, रामे राम रमाढया, रावण रोड्यो माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। एकादशी अगीयारस, कात्यायनी कामा, माँ कात्यायनी कामा, काम दुर्गा कालिका, श्यामा ने रामा, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। बारसे बाला रूप, बहुचरी अम्बा माँ, माँ बहुचरी अम्बा माँ, बटुक भैरव सोहिये, काल भैरव सोहिये, तारा छे तुजमां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। तेरशे तुलजा रूप, तू तारुणि माँ, माँ तू तारुणि माँ, ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, गुण तारा गाता, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। चौदशे चौदा रूप, चंडी चामुण्डा, माँ चण्डी चामुण्डा, भावभक्ति कयीं आपो, चतुराई कयीं आपो, सिंहवाहिनी माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। पूनमे कुम्भ भरयो, सांभल जे करुणा, माँ सांभलजो करुणा, वसिष्ठ देवे वखाण्या, मार्तण्ड मुनिये वखाण्या, गाये शुभकविता, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। संवत सोल सतावन, सोलशे बावीश मां, माँ सोलशे बावीस मां, संवत सोलमां प्रगट्यां, रेवा ने तीरे माँ गंगाने तीरे, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। त्रंबावटी नगरी माँ, रुपावटी नगरी, माँ मंछावटी नगरी, सोल सहस्त्र त्यां सोहिये, क्षमा करो गौरी, माँ दया करो गौरी, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। शिवशक्ति नि आरती, जे कोई गाशे, माँ जे कोई गाशे, भणे शिवानंद स्वामी, भणे शिवानंद स्वामी, सुख संपति पाशे, हर कैलाशे जाशे, माँ अम्बा दुख हरशे, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। एक में एक स्वरुप, अंतर नवधरशो, माँ अंतर नवधरशो, भोला रांधल ने भजता, भवसागर तरसो, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। भाव ना जाणू, भक्ती ना जाणू, नवं जाणू सेवा, माँ नवं जाणू सेवा, वल्लभ भट्ट ने राखो, आ बालक ने राखो, चरणे सुख देवा, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। जय आद्या शक्ति, माँ जय आद्या शक्ति, अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां, पडवे पंडित माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

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जय आद्या शक्ति, माँ जय आद्या शक्ति, अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां, पडवे पंडित माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

द्वितीय बेउ स्वरूप, शिवशक्ति जाणुं, माँ शिवशक्ति जाणुं, ब्रह्मा गणपती गावे, हर गावे हर माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

तृतीया त्रण सरूप, त्रिभुवनमां बेठा, माँ त्रिभुवनमां बेठा, त्रया थकी तरवेणी, तमे तरवेणी माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

चौथे चतुरा महालक्ष्मी, माँ सचराचरव्याप्या, माँ सचराचरव्याप्या, चार भुजा चौ दिशा, प्रगट्या दक्षिणमां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

पंचमी पंच ऋषी, पंचमी गुण पदमां, माँ पंचमी गुण पदमां, पंच सहस्त्र त्यां सोहिये, पंचे तत्वो मां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

षष्ठी तुं नारायणी, महिसासुर मारयो, माँ महिसासुर मारयो, नर नारी ने रुपे, व्याप्या सर्वेमां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

सप्तमी सप्त पाताल, संध्या सावित्री, माँ संध्या सावित्री, गौ गंगा गायत्री, गौरी गीता माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

अष्टमी अष्ट भुजा, आई आनंदा, माँ आई आनंदा, सुनीवर मुनीवर जन्म्या, देव दैत्यो माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

नवमी नवगुण नाग, सेवे नवदुर्गा, माँ सेवे नवदुर्गा, नवरात्रीना पूजन, शिवरात्रीना पूजन, कीधा हर ब्रह्मा, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

दसमे दस अवतार, जय विजयादशमी, माँ जय विजयादशमी, रामे राम रमाढया, रावण रोड्यो माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

एकादशी अगीयारस, कात्यायनी कामा, माँ कात्यायनी कामा, काम दुर्गा कालिका, श्यामा ने रामा, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

बारसे बाला रूप, बहुचरी अम्बा माँ, माँ बहुचरी अम्बा माँ, बटुक भैरव सोहिये, काल भैरव सोहिये, तारा छे तुजमां, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

तेरशे तुलजा रूप, तू तारुणि माँ, माँ तू तारुणि माँ, ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, गुण तारा गाता, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

चौदशे चौदा रूप, चंडी चामुण्डा, माँ चण्डी चामुण्डा, भावभक्ति कयीं आपो, चतुराई कयीं आपो, सिंहवाहिनी माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

पूनमे कुम्भ भरयो, सांभल जे करुणा, माँ सांभलजो करुणा, वसिष्ठ देवे वखाण्या, मार्तण्ड मुनिये वखाण्या, गाये शुभकविता, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

संवत सोल सतावन, सोलशे बावीश मां, माँ सोलशे बावीस मां, संवत सोलमां प्रगट्यां, रेवा ने तीरे माँ गंगाने तीरे, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

त्रंबावटी नगरी माँ, रुपावटी नगरी, माँ मंछावटी नगरी, सोल सहस्त्र त्यां सोहिये, क्षमा करो गौरी, माँ दया करो गौरी, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

शिवशक्ति नि आरती, जे कोई गाशे, माँ जे कोई गाशे, भणे शिवानंद स्वामी, भणे शिवानंद स्वामी, सुख संपति पाशे, हर कैलाशे जाशे, माँ अम्बा दुख हरशे, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

एक में एक स्वरुप, अंतर नवधरशो, माँ अंतर नवधरशो, भोला रांधल ने भजता, भवसागर तरसो, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

भाव ना जाणू, भक्ती ना जाणू, नवं जाणू सेवा, माँ नवं जाणू सेवा, वल्लभ भट्ट ने राखो, आ बालक ने राखो, चरणे सुख देवा, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

जय आद्या शक्ति, माँ जय आद्या शक्ति, अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां, पडवे पंडित माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।।

जय आद्या शक्ति आरती लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

भावार्थ: 'जय आद्या शक्ति' अम्बे माता की एक अत्यंत ही शक्तिशाली और लोकप्रिय गुजराती आरती है, जिसकी रचना महान संत शिवानंद स्वामी जी ने की थी। इस आरती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें हिंदू पंचांग की तिथियों (पड़वा से लेकर पूर्णिमा तक) के अनुसार माता के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन किया गया है। जैसे: द्वितीय तिथि को शिव-शक्ति रूप, षष्ठी को महिषासुर मर्दिनी रूप, अष्टमी को अष्टभुजा रूप और दशमी को विजयादशमी का रूप। आरती के अंत में शिवानंद स्वामी जी कहते हैं कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता आद्या शक्ति (Maa Amba) की यह आरती गाएगा, वह सुख-संपत्ति प्राप्त करेगा, माता उसके सभी दुख हर लेंगी और अंत में उसे शिवलोक (कैलाश) की प्राप्ति होगी।

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यहाँ आप जय आद्या शक्ति आरती लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस आरती को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'जय आद्या शक्ति' आरती के रचयिता कौन हैं?

A1: अम्बे माता की इस विश्वप्रसिद्ध गुजराती आरती की रचना महान संत 'शिवानंद स्वामी' (Shivanand Swami) जी ने की थी। आरती के अंतिम पदों में उनके नाम का उल्लेख भी आता है ("भणे शिवानंद स्वामी")।

Q2: इस आरती में द्वितीय, तृतीया, चतुर्थी आदि का क्या अर्थ है?

A2: इस आरती में चंद्र मास (Lunar Month) की तिथियों (पड़वा/प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक) का उपयोग किया गया है। हर तिथि पर माता के एक विशेष स्वरूप, शक्ति और उनके द्वारा किए गए महिषासुर वध जैसे महान कार्यों का वर्णन किया गया है।

Q3: क्या मैं 'Jai Aadya Shakti Aarti' को मूल गुजराती भाषा में पढ़ सकता हूँ?

A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Translate' बटन पर क्लिक करके इसे तुरंत अपनी मातृभाषा (Gujarati) में बदल सकते हैं और 'Download PDF' बटन से इसे सेव भी कर सकते हैं।

Categories: Aarti, Navratri Special, Mata Ke Bhajan

Deity: Mata Rani

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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