मिलता है आत्मा को नर तन कभी कभी (चेतावनी भजन) लिरिक्स
Milta Hai Aatma Ko Nar Tan Kabhi Kabhi Lyrics Lyrics
तर्ज (Tune): मिलती है जिंदगी में मोहब्बत कभी-कभी (Milti hai zindagi me mohabbat kabhi kabhi - Film: Aankhen)
मिलता है आत्मा को नर तन कभी-कभी, लगता है धर्मज्ञान में, जीवन कभी-कभी।
जीवन की तेरी नैया, पल भर में पार हो, होते हैं सदगुरु के, दर्शन कभी कभी।
चारों तरफ खुले हैं, सुख के ही रास्ते, भक्तों के संग तू गाले, हरिगुण कभी कभी।
हाथी के दांत के, खिलौना बने भांत भांत, बकरी की खाल देखो, पानी भर लाई है, गाय और भैंस के जूता ढोल बन जात, मृगा की खाल ऋषि मुनि मन भायी है, चेत रे अचेत नर काय पे गुमान करे। मानुष की खाल कबहु काम नाय आई है।
मिलता है आत्मा को नर तन कभी-कभी, लगता है धर्मज्ञान में, जीवन कभी-कभी।
सत्संग की ये घड़ियां, मिलती सौभाग्य से, भक्तों के संग तू गा ले, हरि गुण कभी कभी।
पैसे बिन मात पिता पूत को कपूत कहें, पैसे बिन भाई कहे कौन को तू भाई है, पैसे बिन चाचा कहे, कौन है भतीज मेरो, पैसे बिन सास कहे, कौन को जमाई है, पैसे बिन भर पेट रोटी मिलत नाय, पैसे बिन ठोकर दे जात लुगाई है, पैसे बिन सभा में बैठ, इज्जत तक होत नाय, पैसा ऐसी चीज एक राम ने बनाई है।
मिलता है आत्मा को नर तन कभी-कभी, लगता है धर्मज्ञान में, जीवन कभी-कभी।
अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'मिलता है आत्मा को नर तन कभी-कभी' भजन का मुख्य संदेश क्या है?
A1: यह चेतावनी भजन हमें संदेश देता है कि मनुष्य का जन्म (नर तन) बड़े सौभाग्य से मिलता है। जीवन की मोह-माया और झूठे अहंकार को छोड़कर हमें सत्संग और प्रभु की भक्ति में अपना समय बिताना चाहिए।
Q2: इस ज्ञानवर्धक भजन की तर्ज (Tune) किस गीत से प्रेरित है?
A2: यह सत्संगी भजन 1968 की सुपरहिट फिल्म 'आँखें' के सुप्रसिद्ध और सदाबहार गीत "मिलती है जिंदगी में मोहब्बत कभी-कभी" की अत्यंत सुरीली तर्ज पर गाया जाता है।
Q3: चेतावनी भजन में 'पैसे' (धन) के बारे में क्या सच्चाई बताई गई है?
A3: इसमें जीवन की कड़वी सच्चाई बताई गई है कि इस स्वार्थी संसार में सारे रिश्ते (माता-पिता, भाई, पत्नी) केवल पैसे से जुड़े हैं। धन न होने पर कोई अपना नहीं होता और समाज में सम्मान नहीं मिलता।
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Categories: Chetawani Bhajan, Filmi Tarz Bhajan
Deity: Nirgun
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मोहित तरकरMohit Tarkar
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