NirgunChetawani Bhajan

मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा

Maalik Hai Jo Jahaan Ka Jisaka Hai Khel Saara Lyrics

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा

MAALIK HAI JO JAHAAN KA JISAKA HAI KHEL SAARA

मालिक है जो जहान का, जिसका है खेल सारा, उसका हो गर सहारा, उसका हो गर सहारा, मझधार में किनारा।। मर्जी से जिसके चलते, ये चांद सूर्य तारे, हिलता नहीं है पत्ता, हिलता नहीं है पत्ता, पाए बिना इशारे, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। मर्जी में उसके गर तू, अपनी मिला दे मर्जी, तुझको बनाएंगे ये, तुझको बनाएंगे ये, आंखों का अपनी तारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। मुख फेर क्यों खड़े हो, आ सामने तो देखो, है खड़े पसार बाहें, है खड़े पसार बाहें, इंतजार है तुम्हारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। बस सामने आना है, नहीं कहने की जरूरत, जो हाले दिल है तेरा, जो हाले दिल है तेरा, वो जानते है सारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। पर्दानशी वे खुद है, पर चाहते ना पर्दा, पर्दा अगर हटा दो, पर्दा अगर हटा दो, फिर देख लो नजारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। तकदीर का रोना भी, ‘प्रताप’ क्या है रोना, तकदीर बना करती, तकदीर बना करती, बस पा के एक इशारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। मालिक है जो जहान का, जिसका है खेल सारा, उसका हो गर सहारा, उसका हो गर सहारा, मझधार में किनारा।।

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मालिक है जो जहान का, जिसका है खेल सारा, उसका हो गर सहारा, उसका हो गर सहारा, मझधार में किनारा।।

मर्जी से जिसके चलते, ये चांद सूर्य तारे, हिलता नहीं है पत्ता, हिलता नहीं है पत्ता, पाए बिना इशारे, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।।

मर्जी में उसके गर तू, अपनी मिला दे मर्जी, तुझको बनाएंगे ये, तुझको बनाएंगे ये, आंखों का अपनी तारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।।

मुख फेर क्यों खड़े हो, आ सामने तो देखो, है खड़े पसार बाहें, है खड़े पसार बाहें, इंतजार है तुम्हारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।।

बस सामने आना है, नहीं कहने की जरूरत, जो हाले दिल है तेरा, जो हाले दिल है तेरा, वो जानते है सारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।।

पर्दानशी वे खुद है, पर चाहते ना पर्दा, पर्दा अगर हटा दो, पर्दा अगर हटा दो, फिर देख लो नजारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।।

तकदीर का रोना भी, ‘प्रताप’ क्या है रोना, तकदीर बना करती, तकदीर बना करती, बस पा के एक इशारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।।

मालिक है जो जहान का, जिसका है खेल सारा, उसका हो गर सहारा, उसका हो गर सहारा, मझधार में किनारा।।

मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा Video

अर्थ (Bhavarth)

भावार्थ: यह भजन परमपिता परमात्मा की सर्वव्यापकता और उनके प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश देता है। कवि कहता है कि जो इस पूरे संसार का मालिक है, अगर उसका सहारा मिल जाए तो जीवन की नैया मझधार में भी किनारा पा लेती है। चांद, सूरज और तारे सब उसी की मर्जी से चलते हैं; उसके इशारे के बिना इस सृष्टि का एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। भक्त को समझाते हुए कवि कहता है कि यदि तू अपनी इच्छाओं (मर्जी) को ईश्वर की इच्छा के साथ मिला दे (अर्थात ईश्वर की रज़ा में राज़ी रहे), तो ईश्वर तुझे अपनी आंखों का तारा बना लेंगे। भगवान अपनी बाहें पसारे तेरा इंतज़ार कर रहे हैं। तुझे उनसे कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है, वे तेरे दिल का हाल (हाले-दिल) पहले से ही जानते हैं। रचनाकार 'प्रताप' जी कहते हैं कि अपनी तकदीर का रोना मत रो, क्योंकि उस मालिक के एक इशारे मात्र से ही तकदीरें बन और संवर जाया करती हैं।

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यहाँ आप मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस चेतावनी भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'मालिक है जो जहान का' भजन का मुख्य भाव क्या है?

A1: यह एक निर्गुण भजन (प्रार्थना) है, जिसका मुख्य भाव ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण है। इसमें बताया गया है कि संसार का हर कार्य (चांद-तारों का चलना, पत्ते का हिलना) ईश्वर की मर्जी से होता है, इसलिए मनुष्य को अपनी तकदीर पर रोने के बजाय ईश्वर की मर्जी में अपनी मर्जी मिला लेनी चाहिए।

Q2: इस भजन में 'प्रताप' नाम का क्या संदर्भ है?

A2: भजन की अंतिम पंक्तियों ("तकदीर का रोना भी, 'प्रताप' क्या है रोना") में 'प्रताप' शब्द इस सुंदर प्रार्थना के रचयिता (गीतकार) का नाम (Pen Name) है, जो मनुष्य को ईश्वर पर भरोसा रखने की प्रेरणा दे रहे हैं।

Q3: मैं 'Malik Hai Jo Jahan Ka Lyrics PDF' कहाँ से प्राप्त कर सकता हूँ?

A3: आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इस शांतिदायी प्रार्थना को अपनी क्षेत्रीय भाषा में बिलकुल मुफ्त में सेव कर सकते हैं।

Categories: Chetawani Bhajan

Deity: Nirgun

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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