जय अम्बे गौरी आरती (नरेन्द्र चंचल) देवी माँ के भजन लिरिक्स
Jai Ambe Gauri Aarti Lyrics (Narendra Chanchal) Lyrics
तर्ज (Tune): पारंपरिक माता आरती (Traditional Devi Aarti)
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रबदन नीको॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। रक्त पुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी। सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती। कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥ ॥ ॐ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
शुम्भ-निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती। धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी। आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरों। बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता। भक्तन की दुख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
भुजा अष्ट अति शोभित, वरमुद्रा धारी। मनवांछित फल पावत, सेवत नर-नारी॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥
अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावै। कहत शिवानन्द स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावै॥ ॥ ॐ जय अम्बे गौरी... ॥

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'जय अम्बे गौरी' आरती मुख्य रूप से किस देवी को समर्पित है?
यह भारत की सबसे प्रसिद्ध आरती है जो मुख्य रूप से माता अम्बे (दुर्गा जी) को समर्पित है। इसका पाठ 'devi maa ke bhajan' के रूप में नवरात्रि और नित्य पूजा में किया जाता है।
Q2: आरती में वर्णित "शुम्भ-निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती" का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि माता अम्बे ने ही शुम्भ और निशुम्भ नामक भयंकर राक्षसों का वध किया था, और वे ही महिषासुर नामक दैत्य का अंत करने वाली 'महिषासुर मर्दिनी' हैं।
Q3: "आगम-निगम बखानी" पंक्ति क्या दर्शाती है?
'आगम' और 'निगम' हिंदू धर्म के पवित्र वेद और शास्त्रों को कहा जाता है। इस पंक्ति का अर्थ है कि वेद और पुराण भी माता की ही महिमा का बखान (वर्णन) करते हैं।
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Categories: Gauri Maa, Mata Ke Bhajan, Navratri Special
Deity: Mata Gauri (Goddess Parvati)
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मोहित तरकरMohit Tarkar
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